करसोग डिपो से मां शिकारी मंदिर तक सीधी बस सेवा बनी श्रद्धालुओं के लिए वरदान, 9,166 हिम बस पास जारी
करसोग। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई प्रथम दर्शन योजना और हिम बस पास सुविधा आम लोगों के लिए राहत और सुविधा का माध्यम बनकर उभरी हैं। इन योजनाओं से जहां धार्मिक स्थलों तक लोगों की पहुंच आसान हुई है, वहीं हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के राजस्व में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
प्रथम दर्शन योजना के तहत प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों को एचआरटीसी की सीधी बस सेवाओं से जोड़ा गया है। करसोग डिपो से भी इस योजना के अंतर्गत मां शिकारी मंदिर के लिए नियमित बस सेवा संचालित की जा रही है। यह बस प्रतिदिन सुबह करीब 9:30 बजे करसोग बस स्टैंड से रवाना होती है और श्रद्धालुओं को दर्शन करवाने के बाद दोपहर में वापस करसोग पहुंचाती है।
इस सेवा के शुरू होने से करसोग क्षेत्र ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी सुविधा मिली है। साथ ही करसोग डिपो के राजस्व में भी लगभग 100 रुपये प्रति किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसे एचआरटीसी की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने यात्रियों की सुविधा के लिए हिम बस पास योजना भी लागू की है। इस योजना के तहत वर्तमान में 22 श्रेणियों के पात्र यात्रियों को निःशुल्क या रियायती यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इनमें विद्यार्थी, महिलाएं और दिव्यांगजन प्रमुख रूप से शामिल हैं।
करसोग क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय ने अब तक 9,166 हिम बस पास जारी किए हैं। इनमें 1,581 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों, 6,350 महिला यात्रियों और 969 दिव्यांगजनों के पास शामिल हैं। इसके अलावा अन्य पात्र श्रेणियों के लाभार्थियों को भी रियायती यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक एन.के. चांदला ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार पात्र लोगों तक सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निगम लगातार कार्य कर रहा है। हिम बस पास और प्रथम दर्शन जैसी योजनाएं आम लोगों को सस्ती, सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी नई गति दे रही हैं।











