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एसटी मुद्दे पर हाटी समुदाय एकजुट, संयुक्त हाटी संघर्ष समिति का गठन

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सभी पक्षों की होगी साझा ‘खुमली’, संसद से पारित कानून लागू करने और कोर्ट में प्रभावी पैरवी की उठी मांग

शिमला। सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) से जुड़े मुद्दे के समाधान के लिए एक नई पहल करते हुए विभिन्न संगठनों को एक मंच पर लाकर संयुक्त हाटी संघर्ष समिति का गठन किया है। समिति का उद्देश्य एसटी से जुड़े लंबित मामलों को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना और समुदाय को मिले कानूनी अधिकारों का वास्तविक लाभ सुनिश्चित करना है।


शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में समिति से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि यह मंच पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगा और सभी पक्षों के साथ संवाद एवं समन्वय के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास करेगा। समिति की कार्यकारिणी का गठन जल्द किया जाएगा।


समिति ने निर्णय लिया है कि एसटी मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए हाटी समुदाय की साझा ‘खुमली’ (महासभा) आयोजित की जाएगी। खुमली की तिथि और स्थान की घोषणा शीघ्र की जाएगी, जिसमें आंदोलन, सरकार से वार्ता और अन्य रणनीतिक निर्णय लिए जाएंगे।


समिति ने मांग की कि संसद से पारित अनुसूचित जनजाति संशोधन कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। साथ ही, इस मामले से संबंधित न्यायालय में लंबित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान राज्य और केंद्र सरकार प्रभावी पैरवी करें ताकि समुदाय को कानून का लाभ मिल सके।


समिति ने कहा कि वह सरकार को इस मुद्दे के समाधान के लिए समय देने को तैयार है, बशर्ते समयबद्ध और गंभीर प्रयास दिखाई दें। यदि समाधान नहीं निकलता है तो आंदोलन का विकल्प भी खुला रहेगा। आंदोलन और वार्ता की रूपरेखा पर अंतिम फैसला प्रस्तावित खुमली में लिया जाएगा।


संयुक्त हाटी संघर्ष समिति ने गिरिपार क्षेत्र के लगभग 400 गांवों और 160 से अधिक पंचायतों में अपनी इकाइयों के गठन का भी निर्णय लिया है। इन इकाइयों के माध्यम से एसटी अधिकारों को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।


पत्रकार वार्ता में प्रमुख समाजसेवी हरी राम शास्त्री, डॉ. अनिल शर्मा, प्रदीप सिंगटा, बलवीर राणा, कुलदीप ठाकुर, अधिवक्ता बी.एन. भारद्वाज, अधिवक्ता श्याम चौहान, डॉ. रमेश सिंगटा, दौलत राणा, कपिल चौहान, आशु चौहान, मदन तोमर, खजान ठाकुर, राजेंद्र छाजटा, दलीप सिंगटा, वीरेंद्र शर्मा, रामलाल शर्मा, बलदेव समयाल, नीरज ठाकुर, गोपाल ठाकुर और चतर सिंह नेगी सहित अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।