2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त तृतीय श्रेणी पेंशनरों को 35%, प्रथम-द्वितीय श्रेणी को 15% बकाया मिलेगा; चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 20 हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान
बड़सर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में कर्मचारियों, पेंशनरों, आशा कार्यकर्ताओं और एनएचएम कर्मियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इसी माह वेतन बकाया के रूप में अतिरिक्त 20 हजार रुपये देने तथा वर्ष 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त तृतीय श्रेणी पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को बकाया का 35 प्रतिशत भुगतान करने की घोषणा की।
इसी तरह प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी इसी माह पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन के बकाया का 15 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। इन भुगतानों पर राज्य सरकार करीब 281 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 4,000 पद भरने की भी घोषणा की। उन्होंने अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में 100 नए सीबीएसई स्कूल खोलने तथा इस माह से 31 मार्च 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले चिकित्सकों की सेवाएं 31 मार्च 2027 तक जारी रखने की घोषणा की।
आशा कार्यकर्ताओं और एनएचएम कर्मियों का बढ़ेगा मानदेय
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के करीब 9,000 आशा कार्यकर्ताओं का मासिक प्रोत्साहन 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये करने की घोषणा की। एनएचएम के तहत कार्यरत वे कर्मचारी, जिन्होंने वेतन युक्तिकरण के बाद सात वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें 1 अप्रैल 2026 से संशोधित वेतन दिया जाएगा।
एनएचएम के तहत कार्यरत आउटसोर्स स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, ऑपरेशन थिएटर सहायक और प्रयोगशाला तकनीशियनों का संशोधित पारिश्रमिक 25 हजार रुपये प्रतिमाह, जबकि डेटा एंट्री ऑपरेटरों का 18 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है। यह संशोधित पारिश्रमिक 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा।
2 अक्तूबर से शुरू होंगी दो बड़ी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों के पोषण को मजबूत करने के लिए ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ शुरू करने की घोषणा की। योजना का पायलट चरण 2 अक्तूबर से प्रदेश के 21 आईसीडीएस ब्लॉकों में शुरू होगा। छह माह बाद इसकी समीक्षा कर परिणामों के आधार पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
इसके तहत माताओं, महिलाओं तथा छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को मिलने वाले पोषण सहयोग को और बेहतर किया जाएगा। लाभार्थियों की पसंद के अनुसार सप्ताह में तीन बार दूध या अंडे उपलब्ध करवाने की भी व्यवस्था होगी।
वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता के लिए ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना भी 2 अक्तूबर से शुरू की जाएगी। राज्य में करीब 1.80 लाख ऐसे परिवार चिन्हित किए गए हैं जिन्हें अतिरिक्त सरकारी सहायता और ध्यान की आवश्यकता है। अगले दो वर्षों में इन परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विशेष तंत्र विकसित किया जाएगा।
दूध प्रसंस्करण ढांचे पर खर्च होंगे 150 करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में सोलन, ऊना, सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू और हमीरपुर जिलों में दुग्ध प्रसंस्करण अधोसंरचना पर 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कांगड़ा के ढगवार में करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिदिन 1.5 लाख लीटर क्षमता का प्रदेश का पहला अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठा रही है। हिमाचल देश का पहला राज्य बनने जा रहा है जो समर्पित बागवानी नीति लागू करेगा।
वित्तीय संकट से बाहर निकला हिमाचल : सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा करीब 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान को बंद किए जाने के बावजूद प्रदेश सरकार वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने भाखड़ा परियोजना से जुड़े करीब 7,000 करोड़ रुपये के दावे सहित शानन, बैरास्यूल, जल उपकर और चंडीगढ़ से जुड़े मामलों में प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की बात कही।
7 सितंबर से शुरू होगा चिट्टा-मुक्त अभियान का दूसरा चरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ का दूसरा चरण 7 सितंबर से ऊना में शुरू होगा। युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए जल्द ‘खेलो हिमाचल, चिट्टा-मुक्त अभियान’ भी शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में 2,000 करोड़ रुपये की व्यापक योजना लागू कर रही है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चिंतपूर्णी और बाबा बालक नाथ मंदिर में रोपवे निर्माण की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
सरकारी अस्पतालों में 30 हजार से 80 हजार में रोबोटिक सर्जरी
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और चमियाणा अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। निजी अस्पतालों में जहां इस सर्जरी की लागत पांच लाख रुपये से अधिक हो सकती है, वहीं सरकारी संस्थानों में यह सुविधा 30 हजार से 80 हजार रुपये में उपलब्ध करवाई जा रही है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने बड़सर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली। समारोह में पुलिस, आईआरबी, होमगार्ड, यातायात पुलिस के साथ विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया।











