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कर्मचारियों-पेंशनरों का 16 फीसदी डीए लंबित, 5 हजार करोड़ के एरियर का दावा; संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने CM सुक्खू से मांगी तत्काल अदायगी

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केंद्रीय पैटर्न के तहत समय पर डीए जारी करने की मांग, वेतन-पेंशन संशोधन के करीब 7 हजार करोड़ के एरियर का भी किया उल्लेख


शिमला। हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) की तत्काल अदायगी की मांग मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से की है। महासंघ ने 27 अगस्त को मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि कर्मचारियों और पेंशनरों का 1 जनवरी 2023 से करीब 16 फीसदी डीए लंबित है। महासंघ के अनुसार लंबित डीए एरियर की देनदारी करीब 5,000 करोड़ रुपये है।


महासंघ ने सरकार से मांग की है कि पात्र कर्मचारियों और पेंशनरों को लंबित डीए की किस्त जल्द जारी की जाए और सभी बकाया राशि का भुगतान समयबद्ध तरीके से किया जाए। साथ ही, केंद्र सरकार के पैटर्न के अनुरूप डीए की दरों में समय पर संशोधन और भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।


1 जनवरी 2023 से बढ़कर 16 फीसदी हुआ लंबित डीए


महासंघ के पत्र में दिए गए विवरण के अनुसार 1 जुलाई 2023 से डीए में एक फीसदी, 1 जनवरी 2024 से चार फीसदी, 1 जुलाई 2024 से तीन फीसदी, 1 जनवरी 2025 से तीन फीसदी, 1 जुलाई 2025 से तीन फीसदी और 1 जनवरी 2026 से दो फीसदी की दर से बढ़ोतरी का उल्लेख है। इस तरह कुल 16 फीसदी डीए लंबित बताया गया है।


महासंघ का कहना है कि हाल में देय चार फीसदी के बजाय तीन फीसदी डीए जारी किए जाने से कर्मचारियों और पेंशनरों में इस बात को लेकर चिंता बढ़ी है कि लंबित राशि के भुगतान में और देरी हो सकती है।


महंगाई के बीच आर्थिक बोझ बढ़ने का हवाला


महासंघ ने कहा कि महंगाई के कारण आवश्यक वस्तुओं, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य जरूरतों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में डीए का भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों और पेंशनरों की मासिक वित्तीय स्थिति और क्रय शक्ति प्रभावित हो रही है।


पत्र में यह भी कहा गया है कि डीए को वेतन का नियमित हिस्सा माना जाता है और इसके भुगतान में लगातार देरी कर्मचारियों व पेंशनरों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डाल रही है।


वेतन-पेंशन संशोधन के 7 हजार करोड़ एरियर भी लंबित


महासंघ ने मुख्यमंत्री के समक्ष वेतन और पेंशन संशोधन के करीब 7,000 करोड़ रुपये के एरियर का मुद्दा भी उठाया है। संगठन का कहना है कि डीए एरियर और वेतन-पेंशन संशोधन के लंबित एरियर के एक साथ जमा होने से सेवारत कर्मचारियों के साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों में भी वित्तीय अनिश्चितता बढ़ रही है।


2022 के बाद रिटायर कर्मचारियों की समस्या भी उठाई


महासंघ ने 1 जुलाई 2022 या उसके बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के डीए से जुड़े मामलों को भी पत्र में उठाया है। संगठन के अनुसार 1 जुलाई 2022 से देय तीन डीए किस्तें बाद में पूर्व प्रभाव से जारी की गईं। ऐसे में उस अवधि में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभ और अन्य वित्तीय भुगतान उस समय लागू कम डीए दरों के आधार पर निर्धारित होने से उन्हें नुकसान की स्थिति का सामना करना पड़ा। महासंघ ने मुख्यमंत्री से इस मामले में भी हस्तक्षेप कर उचित समाधान की मांग की है।


केंद्र के डीए पैटर्न को बनाए रखने की मांग


हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और महासचिव हीरा लाल वर्मा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि लंबित डीए की सभी किस्तें तत्काल जारी करने के साथ बकाया एरियर का समयबद्ध भुगतान किया जाए। उन्होंने प्रदेश में केंद्र सरकार के स्थापित डीए पैटर्न को बनाए रखने और लागू दर के अनुसार समय पर डीए जारी करने की मांग की है।