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दिवाली से लॉटरी शुरू करने पर सियासी बवाल, जयराम बोले- निजी फायदे के लिए युवाओं को बर्बाद कर रही सरकार

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नेता प्रतिपक्ष ने फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की, बोले- लॉटरी की लत ने पहले कई परिवार किए बर्बाद


शिमला। हिमाचल प्रदेश में दिवाली से लॉटरी शुरू करने के सरकार के फैसले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधारने के बजाय सरकार अपने निजी आर्थिक हित साधने के लिए लॉटरी शुरू कर रही है। उन्होंने कहा कि लॉटरी की वजह से पहले प्रदेश में कई परिवार बर्बाद हुए और लोगों ने अपनी जमीन तक बेच दी थी। ऐसे में सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।


जयराम बोले- लॉटरी चिट्टे के नशे से कम नहीं


जयराम ठाकुर ने कहा कि लॉटरी भी एक तरह की लत है और इसकी चपेट में आने के बाद व्यक्ति लगातार पैसा लगाता चला जाता है। उन्होंने कहा कि लॉटरी की लत चिट्टे के नशे से कम नहीं है। भाजपा सरकार ने इसी वजह से प्रदेश में लॉटरी बंद की थी। आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार हिमाचल के युवाओं को बर्बाद करने की दिशा में कदम उठा रही है।


आर्थिक स्थिति का हवाला देना सिर्फ बहाना : जयराम


नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार लॉटरी शुरू करने के लिए प्रदेश की खराब आर्थिक स्थिति का हवाला दे रही है, लेकिन वास्तविकता कुछ और है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश की आर्थिक स्थिति नहीं, बल्कि अपनी निजी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है। जयराम ने सरकार से लॉटरी का फैसला तत्काल वापस लेने की मांग की।


जिस कंपनी को टेंडर मिला, वह भी जांच का विषय : जयराम
जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि जिस कंपनी को लॉटरी का टेंडर मिला है, वह आगे चलकर जांच का विषय बनेगी। उन्होंने सरकार से पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने की मांग की।


सरकार का तर्क- SOP के साथ होगी नियंत्रित लॉटरी


वहीं उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि प्रदेश में सिंगल लाइन या सिंगल डिजिट लॉटरी शुरू नहीं की जाएगी। सरकार का दावा है कि नियंत्रित और वैध लॉटरी के जरिए लोगों को अवैध जुए और सट्टेबाजी से दूर रखने के साथ-साथ प्रदेश के राजस्व में भी वृद्धि की जा सकती है।


केरल-पंजाब की तर्ज पर 100 करोड़ सालाना कमाई का लक्ष्य
हर्षवर्धन चौहान के मुताबिक केरल और पंजाब की तर्ज पर हिमाचल में लॉटरी शुरू करने की योजना है। सरकार ने इससे करीब 100 करोड़ रुपये सालाना राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए लॉटरी से जुड़े कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया गया है।


SOP तैयार, वित्त विभाग की मंजूरी का इंतजार


उद्योग मंत्री ने बताया कि अध्ययन के बाद लॉटरी के संचालन के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर ली गई है। अब संबंधित फाइल वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद ही योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।


अब निगाहें वित्त विभाग की मंजूरी पर हैं। इसके बाद सरकार दिवाली से लॉटरी शुरू करने की योजना को किस रूप में लागू करती है और इससे सरकारी खजाने को वास्तव में कितनी आय होती है, यह देखना अहम होगा।