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मानसून का कहर: 101 मौतें, 1176 करोड़ का नुकसान; हिमाचल में 82 सड़कें अब भी बंद

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13 पेयजल योजनाएं ठप, पांच बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित; मंडी में सबसे ज्यादा 37 सड़कें बंद, 1 सितंबर को भारी बारिश का येलो अलर्ट



शिमला। प्रदेश में मान सून की बारिश ने जनजीवन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश, भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और अन्य घटनाओं के चलते प्रदेश में अब तक 101 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य को करीब 1176 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश के कारण प्रदेश की 82 सड़कें अभी भी यातायात के लिए बंद हैं। इसके अलावा 13 पेयजल योजनाएं और पांच बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं।


राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार मौनसून के दौरान सबसे ज्यादा मौतें कांगड़ा में 16 हुई हैं। इसके बाद लाहौल-स्पीति और सिरमौर में 14-14, जबकि चंबा और शिमला में 13-13 लोगों की जान गई है। मंडी में 10, कुल्लू में नौ, ऊना, किन्नौर और हमीरपुर में तीन-तीन, बिलासपुर में दो तथा सोलन में एक व्यक्ति की मौत हुई है।


इन घटनाओं में अचानक आई बाढ़, भूस्खलन, डूबने, सांप के काटने, करंट लगने और ऊंचाई से गिरने जैसी घटनाएं शामिल हैं। लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क बाधित होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित है।


मंडी-कुल्लू में सड़कें सबसे ज्यादा प्रभावित


बुधवार शाम तक प्रदेश में कुल 82 सड़कें बंद थीं। इनमें अकेले मंडी जिले में 37 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू में 20, कांगड़ा में सात, चंबा और सिरमौर में पांच-पांच, ऊना में चार, शिमला में तीन और लाहौल-स्पीति में एक सड़क यातायात के लिए बंद है।


सड़क संपर्क के साथ पेयजल और बिजली व्यवस्था पर भी बारिश का असर पड़ा है। प्रदेश में 13 पेयजल योजनाएं ठप हैं, जबकि पांच बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। विभागीय स्तर पर प्रभावित सेवाओं को बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।


नैना देवी में 86.4 मिलीमीटर बारिश


प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर बुधवार को भी जारी रहा। मंगलवार शाम से बुधवार तक 24 घंटों में नैना देवी में सबसे ज्यादा 86.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। ओलिंडा में 69.4, कांगड़ा में 45.8, अंब में 38.8, नांगल डैम में 38.4, नालागढ़ में 35, धर्मशाला में 27.3, जोगिंदरनगर में 26 और धौलाकुआं में 25.5 मिलीमीटर बारिश हुई।


मौसम विभाग ने 1 सितंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और प्रभावित सड़क मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


अगस्त में सामान्य से 13 फीसदी कम बारिश


दिलचस्प यह है कि प्रदेश में अगस्त के दौरान बारिश सामान्य से कम रही है। 1 से 26 अगस्त तक हिमाचल में 198.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 227.2 मिलीमीटर रहती है। इस तरह अगस्त में प्रदेश में अब तक सामान्य से 13 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।


इसके बावजूद कम समय में हुई तेज बारिश ने कई क्षेत्रों में बाढ़, भूस्खलन और सड़क क्षति जैसी समस्याएं खड़ी कर दी हैं। मौनसून के अभी पूरी तरह विदा नहीं होने के कारण प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने प्रभावित सड़कों व अन्य जरूरी सेवाओं को बहाल रखने की चुनौती बनी हुई है।