एनएच-3 पर टोल को लेकर मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन, स्थानीय लोगों के लिए न्यूनतम दर पर पास बनाने की दिशा में होगा प्रयास
सड़क की खराब हालत और लैंडस्लाइड से पर्यटन सीजन प्रभावित होने का मुद्दा सदन में उठा
फोरलेन पर 60 की जगह 70 किमी प्रति घंटा तक स्पीड लिमिट बढ़ाने पर विचार
शिमला। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़-मनाली एनएच-3 पर स्थानीय लोगों को टोल से राहत दिलाने के लिए सरकार एनएचएआई से बात करेगी। स्थानीय लोगों के लिए कम से कम दर पर टोल पास उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फोरलेन पर वाहनों की अधिक आवाजाही और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए स्पीड लिमिट बढ़ाने से पहले सड़क की स्थिति का सर्वे करवाया जाएगा। इसके बाद अधिकतम गति सीमा को 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक करने पर विचार किया जाएगा।
दरअसल, सदन में मनाली के विधायक भुवनेश्नर गौड़ ने चंडीगढ़ से मनाली तक एनएच-3 पर टोल वसूली और सड़क की खराब हालत का मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि फोरलेन पर प्रवेश करते ही स्थानीय लोगों को भी टोल देना पड़ता है। मनाली जैसे पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय निवासियों पर टोल का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार स्थानीय लोगों का टोल पर मासिक खर्च हजारों रुपये तक पहुंच जाता है।
विधायक ने कहा कि एनएच-3 पर जगह-जगह सड़क की हालत खराब है। बरसात और बाढ़ के दौरान सड़क को नुकसान पहुंचता है। लैंडस्लाइड और पानी के तेज बहाव से सड़क टूटने की स्थिति बन जाती है। उन्होंने पर्याप्त सुरक्षा दीवारें और अन्य सुरक्षात्मक कार्य नहीं होने पर भी सवाल उठाया। सड़क की खराब स्थिति का असर पर्यटन सीजन पर पड़ने की बात कहते हुए विधायक ने मांग की कि यदि सड़क की व्यवस्था ठीक नहीं हो पा रही है तो टोल वसूली पर भी पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
फोरलेन पर 80 किमी स्पीड की मांग
विधायक ने मंडी, कुल्लू और बिलासपुर समेत फोरलेन से जुड़े क्षेत्रों में निर्धारित 60 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड लिमिट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि फोरलेन सड़क पर 60 किलोमीटर की गति सीमा व्यवहारिक नहीं लगती और इसे कम से कम 80 किलोमीटर प्रति घंटा किया जाना चाहिए।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क की स्थिति और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए स्पीड लिमिट का दोबारा सर्वे करवाया जाएगा। परिवहन विभाग के स्तर पर भी इसकी समीक्षा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकतम गति सीमा बढ़ाने की दिशा में सरकार प्रयास करेगी, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए इसे 70 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक किए जाने की संभावना नहीं है।
दुर्घटनाओं को ध्यान में रखकर होगा फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन सीजन में कुल्लू-मनाली मार्ग पर वाहनों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में स्पीड बढ़ाने के साथ सड़क सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। सरकार सड़क की स्थिति और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का आकलन करवाने के बाद ही अंतिम निर्णय लेगी।










