11 अगस्त की मध्यरात्रि से लागू हो गया है नया सेस
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की कीमतों पर अब 60 पैसे प्रति लीटर अनाथ एवं विधवा उपकर (Orphan and Widow Cess) लगाया जाएगा। राज्य सरकार के राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। यह उपकर प्रदेश में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की पहली बिक्री के बिंदु पर लागू होगा।
सरकार ने हिमाचल प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स अधिनियम, 2005 की धारा 6-ए के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय लिया है। अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर की दर से अनाथ एवं विधवा उपकर वसूला जाएगा।
11 अगस्त की मध्यरात्रि से प्रभावी
राज्य कर एवं आबकारी विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था 11 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि से प्रभावी होगी। यानी इसके बाद प्रदेश में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की पहली बिक्री पर निर्धारित दर से यह उपकर लागू माना जाएगा।
मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जारी हुई अधिसूचना
विभागीय दस्तावेज के अनुसार अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद पूरी की गई है। इसकी प्रतियां राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव तथा विभाग के सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।
उपकर से सामाजिक कल्याण के लिए जुटेगा राजस्व
सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल पर लगाए गए इस नए उपकर का उद्देश्य अनाथ एवं विधवा वर्ग के लिए सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए संसाधन जुटाना माना जा रहा है। प्रति लीटर 60 पैसे की दर से वसूली होने के कारण प्रदेश में ईंधन की बिक्री के आधार पर सरकार को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में मामूली बदलाव भी आम उपभोक्ता और परिवहन क्षेत्र पर सीधा असर डालता है। हालांकि अधिसूचना में उपकर की दर स्पष्ट रूप से 60 पैसे प्रति लीटर निर्धारित की गई है, लेकिन इसके लागू होने से पेट्रोल और डीजल की अंतिम कीमत पर पड़ने वाले प्रभाव की गणना संबंधित कर संरचना के आधार पर होगी।











