मानसून में अब तक 155 लोगों की मौत
मंडी में 51 सड़कें और 245 ट्रांसफार्मर प्रभावित, कुल्लू में 39 सड़कें बंद
शिमला में 13 सड़कें और 12 पेयजल योजनाएं ठप, मौसम विभाग ने कई जिलों में तेज बारिश-बिजली की जताई संभावना
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच बारिश ने जनजीवन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 10 अगस्त सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश में 124 सड़कें बंद, 255 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित और 17 पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं।
मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें और बिजली व्यवस्था प्रभावित
जिला स्तर पर मंडी सबसे अधिक प्रभावित है। यहां 51 सड़कें बंद हैं, जबकि 245 DTR बाधित हैं। इसके बाद कुल्लू में 39 सड़कें, शिमला में 13, चंबा में 7, सिरमौर में 6 और कांगड़ा में 5 सड़कें बंद हैं। शिमला में तीन DTR और 12 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं।
कुल्लू के बंजार, कुल्लू, आनी और निरमंड उपमंडलों में मिलाकर 39 सड़कें बाधित हैं। मंडी में सराज, थलौट, सुंदरनगर, जोगिंदरनगर, पधर और धर्मपुर क्षेत्र की सड़कें प्रभावित हैं। शिमला जिले में ठियोग, रामपुर, चौपाल और सुन्नी में कुल 13 सड़कें बंद हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट, कई जिलों में तेज बारिश और बिजली की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की 10 अगस्त सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक की तात्कालिक चेतावनी के मुताबिक शिमला शहर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कम दृश्यता रहने की संभावना है।
बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, सोलन, शिमला और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर तेज बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। वहीं ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में कई स्थानों पर हल्की बारिश तथा प्रदेश के बाकी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन/मलबा खिसकने और अचानक बाढ़, निचले इलाकों में जलभराव तथा नदियों-नालों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मानसून में अब तक 155 लोगों की मौत
राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की 30 जून से 9 अगस्त 2026 तक की संचयी रिपोर्ट के मुताबिक मानसून सीजन में आपदा से प्रदेश में 155 लोगों की मौत, 256 लोग घायल और दो लोग लापता हुए हैं। 200 पशु/पक्षियों की भी मौत दर्ज की गई है। सरकारी और निजी संपत्ति को हुआ कुल नुकसान 83,526.19 लाख रुपये यानी करीब 835.26 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार आपदा से मौतों के अलावा सड़क हादसों में भी 87 लोगों की जान गई है।
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
लगातार बारिश के बीच प्रशासन और संबंधित विभागों को प्रभावित सड़कों, बिजली और पेयजल व्यवस्था को बहाल करने के लिए सक्रिय किया गया है। लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और अचानक बाढ़ वाले इलाकों में जाने से बचने तथा मौसम संबंधी अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
फिलहाल हिमाचल में बारिश का दौर जारी रहने के बीच सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।











