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ढाई साल के बच्चे की भी रोबोटिक सर्जरी, IGMC ने हासिल की बड़ी उपलब्धि

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दो से छह साल के छह बच्चों का रोबोटिक तकनीक से सफल इलाज, किडनी ब्लॉकेज समेत जन्मजात बीमारियों की हुई सर्जरी


शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) शिमला ने पीडियाट्रिक रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में अब तक छह बच्चों की सफल रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी है। इन बच्चों की उम्र करीब ढाई साल से छह साल के बीच रही। किडनी ब्लॉकेज समेत विभिन्न जन्मजात और जटिल बीमारियों से पीड़ित बच्चों का रोबोटिक तकनीक से सफल उपचार किया गया है।


खास बात यह है कि प्रदेश में IGMC पहला ऐसा संस्थान है, जहां बच्चों की रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। इससे अब हिमाचल के बच्चों को जटिल सर्जरी के लिए दूसरे राज्यों या बड़े निजी अस्पतालों का रुख करने की जरूरत कम होगी।


11 मार्च से अब तक 112 सफल रोबोटिक सर्जरी


IGMC में 11 मार्च को रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू की गई थी। इसके बाद से संस्थान में अब तक 112 सफल रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। इनमें 62 जनरल सर्जरी, 44 गायनी और छह पीडियाट्रिक सर्जरी शामिल हैं।


मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राहुल राव ने शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि IGMC में मरीजों को रोबोटिक सर्जरी की सुविधा निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम खर्च में उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक को सरकारी अस्पताल में उपलब्ध करवाने का उद्देश्य प्रदेश के लोगों को बेहतर उपचार कम लागत में उपलब्ध करवाना है।


ढाई साल का बच्चा बना सबसे कम उम्र का मरीज


पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार ने बताया कि विभाग में पीडियाट्रिक रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हो चुकी है और अब तक छह बच्चों की सफल सर्जरी की गई है। इनमें सबसे कम उम्र के ढाई साल के बच्चे की रोबोटिक सर्जरी की गई, जबकि छह साल की बच्ची का भी सफल ऑपरेशन किया गया।
उन्होंने बताया कि बच्चों में किडनी ब्लॉकेज सहित विभिन्न जन्मजात बीमारियों की रोबोटिक सर्जरी की गई है। जन्मजात बीमारियों के मामलों में रोबोटिक सर्जरी के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।


चंबा के बच्चे को भी मिला रोबोटिक सर्जरी का लाभ


सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पुनीत महाजन ने कहा कि IGMC में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होने से प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों के मरीजों को भी इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से चंबा से आए छोटे बच्चे का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चे को भी इस अत्याधुनिक तकनीक से उपचार मिलना बड़ी उपलब्धि है।


डॉ. महाजन ने कहा कि IGMC के अलग-अलग विभागों में रोबोटिक सर्जरी की जा रही है और इसका लाभ प्रदेश के मरीजों को मिल रहा है।


महज 30 हजार रुपये से शुरू हो रहा उपचार


IGMC प्रशासन के मुताबिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम लागत पर उपलब्ध करवाई जा रही है। डॉ. पुनीत महाजन ने बताया कि करीब 30 हजार रुपये के न्यूनतम खर्च में मरीजों को रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो रही है।


ऐसे में IGMC में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा न केवल चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी विस्तार है, बल्कि आर्थिक रूप से भी मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।


इस दौरान मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राहुल राव, सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पुनीत महाजन, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार और डॉ. कमलकांत शर्मा मौजूद रहे।