विपक्षी नेताओं पर झूठे मुकदमे, फोन टैपिंग, लोकेशन ट्रैकिंग और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के लगाए आरोप
कहा- सत्ता में लौटे तो दोषी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
शिमला। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने पार्टी आलाकमान को ऐसी रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें मुख्यमंत्री से कामकाज का तरीका बदलने या फिर मुख्यमंत्री बदलने की बात कही गई है। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
शनिवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है और भाजपा नेताओं को निशाना बनाने के लिए पुलिस, विजिलेंस तथा प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी, विधायक सुधीर शर्मा, विधायक आशीष शर्मा, पूर्व विधायक होशियार सिंह और के.एल. ठाकुर सहित कई नेताओं के खिलाफ जबरन मामले दर्ज किए गए हैं। उनका आरोप था कि अधिकारियों पर दबाव बनाकर विपक्षी नेताओं के खिलाफ केस तैयार करवाए जा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विपक्षी नेताओं के फोन टैप किए जा रहे हैं, उनकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है और उनके सुरक्षा कर्मियों के मोबाइल भी निगरानी में रखे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के खिलाफ खबरें प्रकाशित करने वाले सोशल मीडिया पेजों को बंद करवाने और विज्ञापन रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में भी उन्होंने कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू के कार्यकाल में पहली बार इतने बड़े स्तर पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में अधिकारियों के साथ नरमी बरती गई थी, लेकिन अब जो अधिकारी राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं, भाजपा सत्ता में आने पर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।
उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। शिमला गोलीकांड और बिलासपुर की हालिया घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान अपराध नियंत्रण के बजाय विपक्ष को घेरने में लगा है। उनका आरोप था कि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई है और मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक जैसे अहम पद अतिरिक्त प्रभार के सहारे चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के हालिया राजनीतिक बयानों का जवाब देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा में कौन मुख्यमंत्री बनेगा या कौन विधानसभा अध्यक्ष बनेगा, इसका निर्णय कांग्रेस या मुख्यमंत्री नहीं बल्कि भाजपा का नेतृत्व करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी ही पार्टी के नेताओं के बीच राजनीतिक संतुलन बनाने में व्यस्त हैं।
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और उनके बेटे पर हुए हमले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय “डील ऑफिस” बन गया है और भाजपा की सरकार बनने पर पिछले वर्षों में लिए गए फैसलों और सलाहों की भी जांच कराई जाएगी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि आगामी विधानसभा मानसून सत्र से पहले भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार से निराश है और आने वाले समय में भाजपा को सत्ता सौंपने का मन बना चुकी है।











