शिमला। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव अब तक न होने को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनादेश में पिछड़ने के बाद कांग्रेस अब प्रशासनिक प्रक्रिया को लंबा खींचकर जिला परिषद पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचित सदस्यों को अपने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए दोबारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि जिला परिषद की 25 सीटों के लिए मई में चुनाव हुए और परिणाम घोषित होने के बाद 3 जून को उपायुक्त शिमला ने 6 जून की बैठक का नोटिस जारी किया था। 6 जून को सभी 25 निर्वाचित सदस्य बैठक में मौजूद थे और उन्हें शपथ भी दिलाई गई। इसके बावजूद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं कराया गया तथा बैठक स्थगित कर दी गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूरा सदन मौजूद था और कोरम भी पूरा था तो चुनाव क्यों नहीं करवाया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि किसके दबाव में वैधानिक प्रक्रिया रोकी गई।
बार-बार बैठकें, फिर भी चुनाव अधूरा
जयराम ठाकुर ने कहा कि इसके बाद 27 जून और फिर 3 अगस्त को बैठकें बुलाई गईं, लेकिन अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव पूरा नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार बैठकें बुलाकर चुनाव टालना महज संयोग नहीं, बल्कि राजनीतिक जोड़-तोड़ के लिए समय हासिल करने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि 13 निर्वाचित सदस्यों को अब दोबारा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा है। 10 अगस्त को दायर याचिका में राज्य निर्वाचन आयोग, प्रदेश सरकार और उपायुक्त शिमला को पक्षकार बनाया गया है तथा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए तत्काल वैधानिक बैठक बुलाने की मांग की गई है।
जयराम ठाकुर ने हाईकोर्ट के 6 अगस्त के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि निर्वाचित संस्थाओं की प्रक्रिया को प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण अनिश्चितकाल तक नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि जब कानून स्पष्ट है, हाईकोर्ट का फैसला सामने है और निर्वाचित सदस्य मौजूद हैं, तो सरकार अब किस बात का इंतजार कर रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से कहा कि सरकार प्रशासन के पीछे छिपना बंद करे। यदि कांग्रेस के पास बहुमत है तो चुनाव करवाकर अपना अध्यक्ष बनाए और यदि बहुमत नहीं है तो जनता के जनादेश को स्वीकार करे।
जयराम ठाकुर ने कहा कि जिला परिषद केवल राजनीतिक पद नहीं बल्कि ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण संस्था है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव लंबित रहने से जिला स्तर पर विकास योजनाओं की योजना, समन्वय और निगरानी प्रभावित होती है। उन्होंने सरकार से तत्काल स्पष्ट तारीख, समय और स्थान तय कर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव करवाने की मांग की।











