CM के प्रधान सलाहकार ने नेता प्रतिपक्ष को दी खुली चुनौती
कहा, बिना प्रमाण चरित्रहनन की राजनीति लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं, बेटे पर हमले को ‘डील’ से जोड़ना बेहद गंभीर
शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के आरोपों पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने बुधवार को तीखा पलटवार करते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से चुनौती दी कि यदि उनके पास किसी कथित “बड़ी डील” या उनके पुत्र पर हुए जानलेवा हमले और कथित अपहरण के प्रयास से जुड़े कोई दस्तावेजी प्रमाण हैं तो उन्हें तत्काल प्रदेश की जनता के सामने रखा जाए। उन्होंने कहा कि बिना किसी तथ्य के व्यक्तिगत और पारिवारिक मामलों को राजनीति में घसीटना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में नरेश चौहान ने कहा कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की हालिया प्रेस वार्ता का वीडियो देखा, जिसमें उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर ने तथाकथित “डील” को उनके पुत्र पर हुए हमले से जोड़ने की कोशिश की, जो न केवल तथ्यहीन है बल्कि एक परिवार की पीड़ा का राजनीतिक इस्तेमाल करने जैसा है।
नरेश चौहान ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष स्वयं दावा कर रहे हैं कि उनके पास दस्तावेजी प्रमाण हैं। यदि ऐसा है तो उन्हें किसी मंच से आरोप लगाने के बजाय उन दस्तावेजों को सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि उनके पेशे, कार्यशैली या किसी भी गतिविधि को लेकर कोई आरोप है तो उसके भी ठोस साक्ष्य जनता के सामने रखे जाएं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 से वह कांग्रेस संगठन से जुड़े हैं और करीब 23 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में पार्टी के प्रवक्ता सहित विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। इस दौरान उन्होंने कभी भी व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं की और हमेशा राजनीतिक मर्यादा का पालन किया है।
नरेश चौहान ने कहा कि जयराम ठाकुर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष हैं। ऐसे वरिष्ठ नेता से राजनीतिक मुद्दों पर बहस की अपेक्षा की जाती है, न कि बिना प्रमाण किसी व्यक्ति और उसके परिवार की छवि धूमिल करने की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत हमले और निराधार आरोप स्वस्थ राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा नहीं हो सकते।
उन्होंने दोहराया कि यदि भाजपा के पास कोई ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें सामने लाया जाए, अन्यथा इस तरह के आरोप केवल राजनीतिक दुर्भावना और चरित्रहनन का प्रयास माने जाएंगे। चौहान ने कहा कि प्रदेश की जनता सच जानना चाहती है और इसलिए आरोप लगाने वालों की जिम्मेदारी है कि वे अपने दावों को प्रमाणित भी करें।











