भाजपा अटैची लेकर पहुंची, सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
कांग्रेस ने केंद्र पर हिमाचल के हक रोकने का लगाया आरोप
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक एक-दूसरे के खिलाफ तख्तियां लेकर आमने-सामने खड़े हो गए और काफी देर तक नारेबाजी करते रहे।
काउंसिल चेंबर के बाहर दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी के चलते माहौल खासा गरम रहा। भाजपा विधायक अटैचियां लेकर विधानसभा पहुंचे और सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। इसके जवाब में कांग्रेस विधायक दल भी तख्तियां लेकर परिसर में पहुंचा और केंद्र सरकार पर हिमाचल के अधिकार रोकने का आरोप लगाते हुए भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला।
भाजपा के प्रदर्शन में अटैचियां खास तौर पर चर्चा का केंद्र रहीं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और अटैचियों में भरकर पैसा मुख्यमंत्री कार्यालय और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कार्यालय तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के भ्रष्टाचार की चर्चा प्रदेश के चौक-चौराहों तक हो रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती ने ही मौजूदा सरकार में भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उनके मुताबिक नीरज भारती ने कहा था कि तीन अटैचियां दिल्ली और दो मुख्यमंत्री कार्यालय तक जा रही हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि इस तरह के आरोप लगाए गए हैं तो संबंधित व्यक्ति के पास इसके साक्ष्य भी होने चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के इतिहास में किसी भी सरकार के कार्यकाल में इतना संगठित भ्रष्टाचार नहीं हुआ। कबाड़, 118 नियमों के तहत मंजूरियों तथा स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सप्लाई और कलेक्शन के काम को लेकर भी उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में आउटसोर्स कंपनियां कांग्रेस नेताओं के नाम पर चल रही हैं और युवाओं को रोजगार देने से पहले कमीशन का खेल चल रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन चलाना चाहता है और भाजपा विधायकों ने महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए नोटिस भी दिए हैं, लेकिन सरकार सदन को चलने नहीं देना चाहती। जयराम ठाकुर ने कहा कि जनता सरकार से परेशान है और आने वाले समय में कांग्रेस को सत्ता से बाहर करेगी। उन्होंने पंचायती राज चुनावों के नतीजों को भी इसी का संकेत बताया।
कांग्रेस ने अटैची के जवाब में उठाया केंद्र का मुद्दा
भाजपा के प्रदर्शन के बाद सत्ता पक्ष भी विपक्ष के खिलाफ तख्तियां लेकर विधानसभा परिसर में उतर आया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भाजपा पर हिमाचल के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता प्रदेश के अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन दिल्ली जाकर हिमाचल का हक रोकने का काम करते हैं।
अग्निहोत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1500 करोड़ रुपये की सहायता अभी तक हिमाचल को नहीं मिली है। उन्होंने राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि राज्य में पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने के बाद केंद्र की ओर से राज्य की मदद रोकी गई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार हिमाचल के हितों की लड़ाई लड़ रही है। विद्युत परियोजनाओं में हिमाचल की हिस्सेदारी से लेकर वाइल्ड फ्लावर हॉल के मामले तक सरकार ने प्रदेश के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है और इसमें सफलता भी हासिल की है।
‘मुद्दों से ध्यान भटका रहा विपक्ष’
मुकेश अग्निहोत्री ने भाजपा पर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष निराश और बिखरा हुआ है। उन्होंने देश में महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि भाजपा को जनता के वास्तविक सवालों पर सरकार का साथ देना चाहिए, न कि विधानसभा परिसर में केवल विरोध और नारेबाजी करनी चाहिए।
राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राष्ट्रध्वज के सम्मान से जुड़े विवाद पर भी अग्निहोत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रावधानों के तहत राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राष्ट्रध्वज का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि नए कानून के जरिए राष्ट्रगान से जुड़े प्रावधानों को राष्ट्रगीत पर भी लागू किया जाएगा।











