विधायक रीना कश्यप ने विधानसभा में उठाया स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा, 100 बेड का अस्पताल बहाल करने और आठ-नौ महीने से खराब, अल्ट्रासाउंड मशीन ठीक करने की मांग
शिमला। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर विधायक रीना कश्यप ने विधानसभा में सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के पद खाली हैं, कई स्वास्थ्य भवन अभी निर्माणाधीन हैं और कई उपकेंद्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से रिक्त पदों को जल्द भरने, निर्माणाधीन भवनों का काम पूरा करने और बंद या निष्क्रिय स्वास्थ्य केंद्रों को दोबारा संचालित करने की मांग की।
डेपुटेशन पर भेजे जा रहे डॉक्टर, मरीज परेशान
रीना कश्यप ने कहा कि पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के शिमला अस्पताल पर करीब 30 से 40 पंचायतों की आबादी निर्भर है, लेकिन वहां डॉक्टरों के 11 स्वीकृत पदों में से केवल चार या पांच ही भरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े क्षेत्र की स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए यह स्थिति बेहद गंभीर है।
विधायक ने कहा कि पीएचसी जहर में डॉक्टर तैनात होने के बावजूद उन्हें डेपुटेशन पर दूसरे स्थानों पर भेज दिया जाता है। हाल ही में क्षेत्र के दौरे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने बताया कि डॉक्टर सप्ताह में केवल दो दिन पीएचसी में उपलब्ध रहते हैं, जबकि बाकी समय उन्हें डेपुटेशन पर भेज दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि इससे मूल स्वास्थ्य केंद्र के मरीजों को परेशानी होती है। कई मरीजों को जांच के लिए दोबारा बुलाया जाता है, लेकिन जब वे निर्धारित तारीख पर पहुंचते हैं तो डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते। उन्होंने सरकार से डेपुटेशन की व्यवस्था की समीक्षा कर स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित डॉक्टर उपलब्ध करवाने की मांग की।
पीएचसी भवनों की हालत भी खराब
विधायक ने पीएचसी नीलक्षी समेत अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के भवनों की खराब हालत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ भवनों के दरवाजे और खिड़कियां तक खराब हैं। उन्होंने पीएचसी जहर और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के भवनों के निर्माण व मरम्मत के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाने का आग्रह किया।
100 बेड का अस्पताल फिर बहाल करने की मांग
विधायक ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में क्षेत्र के अस्पताल को 100 बेड की क्षमता प्रदान की गई थी, लेकिन बाद में इसे डिनोटिफाई कर दिया गया। उन्होंने सरकार से अस्पताल को दोबारा 100 बेड का दर्जा देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन की भी आवश्यकता है, क्योंकि क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए सोलन या शिमला जाना पड़ता है। इससे दूरदराज के लोगों को काफी परेशानी होती है।
आठ-नौ महीने से खराब अल्ट्रासाउंड मशीन पर सवाल
विधायक ने कहा कि क्षेत्र की अल्ट्रासाउंड मशीन करीब आठ से नौ महीने से खराब है और कई बार मामला सरकार के ध्यान में लाने के बावजूद इसे ठीक नहीं करवाया गया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से सवाल किया कि इतनी लंबी अवधि से मशीन खराब होने के बावजूद इसे दुरुस्त करवाने में देरी क्यों हुई।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने के दावों के बीच ऐसी बुनियादी जांच सुविधा का लंबे समय तक बंद रहना गंभीर विषय है।
नादेक में ही खुले आदर्श स्वास्थ्य संस्थान
विधायक ने सरकार की ओर से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोलने की घोषणा का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पच्छाद में नादेक में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोलने की बात कही गई थी, लेकिन अब इसके स्थान को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से सदन में स्पष्ट करने की मांग की कि आदर्श स्वास्थ्य संस्थान नादेक में ही स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता के साथ किए गए वादे के अनुरूप स्थान को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
कई सब-सेंटरों पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप
विधायक ने पच्छाद के कई स्वास्थ्य उपकेंद्रों की स्थिति भी सदन में रखी। उन्होंने कहा कि भुजल, चदोन, टपरोली, नायनेटी, भियाना भार, कोठिया चौजर, जहर, जरबाड़ी मंदिर, मढ़ी खास, कांचली, वासनी, सरसू, देवर, चितरी, ढंग्यार, बिंगर की, नया गांव, मिरी और सारिया समेत कई स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि कई उपकेंद्रों पर ताले लगे हैं और ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार तक के लिए दूर जाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इन सभी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति की समीक्षा कर उन्हें नियमित रूप से संचालित करने की मांग की।
रोबोटिक सर्जरी से पहले बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने की मांग
विधायक ने सरकार की ओर से रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाओं पर दिए जा रहे जोर का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को पहले डॉक्टर, दवाइयां, पैरामेडिकल स्टाफ और प्राथमिक उपचार की सुविधा मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक जरूरी है, लेकिन उसके साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की बुनियादी व्यवस्था भी मजबूत होनी चाहिए। ग्रामीण जनता को अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में सामान्य उपचार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध होना ज्यादा जरूरी है।
निर्माणाधीन स्वास्थ्य भवनों और रिक्त पदों को जल्द पूरा करने का आग्रह
विधायक ने कहा कि प्रदेश में अभी भी कई स्वास्थ्य संस्थानों के भवन निर्माणाधीन हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से इनका निर्माण जल्द पूरा करवाने और डॉक्टरों तथा पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त स्टाफ के बिना भवन और मशीनें होने का भी मरीजों को पूरा लाभ नहीं मिल सकता।
गरीबों की योजना दोबारा शुरू करने की मांग
विधायक ने गरीब मरीजों के हित से जुड़ी स्वास्थ्य योजना को दोबारा शुरू करने की मांग भी सरकार के सामने रखी। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और सरकार को इन्हें प्रभावी तरीके से फिर से संचालित करना चाहिए।
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर रिक्त पद भरने, बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्रों को खोलने, खराब मशीनों को ठीक करने, अस्पताल की क्षमता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्रवाई की जाए।











