Advertisement

सिरमौर के 12 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं, विधानसभा में गूंजी शिक्षा व्यवस्था की बदहाली

Spread the love

रीना कश्यप ने शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया, मुख्यमंत्री बोले- एकल शिक्षक वाले स्कूलों के लिए नीति बनाने पर काम जारी; शिक्षा मंत्री ने 15 से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों में प्राथमिकता से नियुक्ति का दिया भरोसा


शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के नौवें दिन शून्यकाल में प्रदेश के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों की चरमराई शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठा। पच्छाद की विधायक रीना कश्यप ने अपने विधानसभा क्षेत्र में शिक्षकों की भारी कमी का मामला उठाते हुए सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पच्छाद के 12 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी शिक्षक तैनात नहीं है। ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।


रीना कश्यप ने कहा कि क्षेत्र के कई अन्य स्कूलों में भी प्रधानाचार्य और विषय अध्यापकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। उन्होंने सरकार से दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध करवाने और रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की।


जवाब में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने माना कि शिमला, चंबा और सिरमौर के दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी एक गंभीर समस्या है। उन्होंने कहा कि सरकार ने युक्तिकरण के माध्यम से रिक्त पदों को भरने का प्रयास किया, लेकिन इसके अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए। अब 15 से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।


शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में प्रधानाचार्यों की पदोन्नति की गई है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के शेष कार्यकाल में भी शिक्षकों की नियुक्ति का सिलसिला जारी रहेगा और कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 15 से 16 हजार शिक्षकों की नियुक्ति का रिकॉर्ड बनेगा।


‘विकास के नाम पर पिछड़ा सिरमौर, पिछड़ा ही न रह जाए’


चर्चा के दौरान रीना कश्यप ने सिरमौर की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि विकास के नाम पर पिछड़ा माना जाने वाला सिरमौर कहीं पिछड़ा ही न रह जाए। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार ने सिरमौर को पिछड़ा क्षेत्र माना है, लेकिन जिले के युवाओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर यह साबित किया है कि वे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने इसे सरकार के ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का उदाहरण बताते हुए कहा कि सरकार ऐसे स्कूलों के लिए नीति बनाने पर काम कर रही है, जहां केवल एक शिक्षक है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षक की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।


कैडर सत्यापन में एसओपी नहीं होने का मुद्दा भी उठा


शून्यकाल में विधायक रणधीर शर्मा ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कैडर सत्यापन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कैडर सत्यापन कर्मचारियों की नियुक्ति, नियमितीकरण, पदोन्नति और वरिष्ठता सूची को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए किया जाता है। विभाग की ओर से कर्मचारियों से विकल्प तो मांगे गए, लेकिन इस प्रक्रिया के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की गई।


उन्होंने सरकार से पूरे मामले की दोबारा समीक्षा करने और कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने का एक और अवसर देने की मांग की। स्वास्थ्य मंत्री ने मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया।


तीन साल से टूटा पुल, 12 गांवों को राहत की उम्मीद


ऊना के रामपुर गांव में पिछले तीन वर्षों से क्षतिग्रस्त पुल का मुद्दा भी विधानसभा में उठा। विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि पुल के क्षतिग्रस्त होने से आसपास के करीब 12 गांवों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने पुल के स्थायी निर्माण की मांग की।


लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि पुल के निर्माण के लिए 5 करोड़ 30 लाख रुपये की पहली किश्त ऊना विभागीय डिवीजन को जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान अतिरिक्त राशि की आवश्यकता पड़ने पर सरकार उसे भी उपलब्ध करवाएगी।


दूरदराज क्षेत्रों में एचआरटीसी सेवा पर सवाल


विधायक विपिन कुमार ने दूरदराज क्षेत्रों में एचआरटीसी बस सेवाओं की स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पालमपुर, बैजनाथ, नगरोटा और धर्मशाला के डिपो बंद किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों की परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि इन डिपो से बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों को बस सुविधा मिलती थी।


विधायक ने आरोप लगाया कि विपक्षी विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में ही बस सेवाएं बंद की जा रही हैं और सरकार से बंद सेवाओं को तत्काल बहाल करने की मांग की। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार इस मामले पर विचार करेगी।