ऑकलैंड स्कूल और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के विद्यार्थियों ने देखी विधानसभा की कार्यवाही, स्पीकर से किया संवाद
शिमला। ऑकलैंड स्कूल शिमला तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के छात्र-छात्राओं ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया। सदन की कार्यवाही देखने से पहले विद्यार्थियों ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से कौंसिल चैम्बर के बाहर मुलाकात की और संसदीय प्रणाली, संवैधानिक व्यवस्था, विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका तथा मंत्रिमंडल की शक्तियों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे।
विधानसभा अध्यक्ष ने विद्यार्थियों के सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए संसदीय प्रणाली और सदन की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि आज के युवा और विद्यार्थी संसदीय प्रणाली एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझने के लिए विधानसभा की कार्यवाही देखने में रुचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की लोकतंत्र और संसदीय व्यवस्था के प्रति यह रुचि भारतीय लोकतंत्र के मजबूत भविष्य का संकेत है।
पठानियां ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा लोकतंत्र के महत्वपूर्ण संस्थान हैं, जहां देश और प्रदेश की नीतियों एवं कानूनों के निर्माण की दिशा तय होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की 68 सीटें हैं, जबकि प्रदेश से लोकसभा के चार और राज्यसभा के तीन सदस्य हैं। उन्होंने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रक्रिया के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज का बालक कल का नेता है और आने वाले समय में देश व प्रदेश की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने और संविधान के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने असंख्य कुर्बानियां दी हैं। आज हम स्वतंत्र भारत में अपने अधिकारों की बात कर पा रहे हैं और हमारे पास अपना संविधान है, तो इसके पीछे स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष और बलिदान है। इसलिए उनकी कुर्बानियों को सदैव स्मरण रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
इस दौरान पठानियां ने विद्यार्थियों को विधानसभा में होने वाली कार्यवाही की जानकारी दी और उन्हें सदन की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया। विद्यार्थियों ने भी संसदीय प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखने और विधानसभा अध्यक्ष से संवाद को अपने लिए उपयोगी अनुभव बताया।











