राजीव गांधी जयंती पर शिमला में मुख्यमंत्री बोले- मानसून सत्र में तथ्यों के साथ आए विपक्ष, श्वेत पत्र से खुलेगा पुरानी सरकार का हिसाब
शिमला। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 82वीं जयंती पर गुरुवार को शिमला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सहयोगियों के साथ राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए उनकी नीतियों और आधुनिक भारत के निर्माण में भूमिका का उल्लेख किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने आगामी मानसून सत्र, भाजपा के आरोपों, पेपर लीक, सरकारी भर्तियों, हिमकेयर मामले में विजिलेंस जांच और प्रदेश की संपदा से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले किए।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रदेश की संपदा को नुकसान पहुंचाने या उसका गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसी के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई नहीं कर रही है। यदि पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की संपदा को नुकसान पहुंचाने से जुड़े मामले सामने आते हैं तो उनकी जांच और कार्रवाई करना सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं की जाती तो यह प्रदेश की जनता के साथ धोखा होगा।
‘विपक्ष तथ्यों के साथ आए, सरकार भी जवाब देगी’
मानसून सत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि विपक्ष सदन में मुद्दों और तथ्यों के साथ आए। उन्होंने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। विरोध करना और वॉकआउट करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन सरकार को सदन में अपनी बात रखने का अवसर भी दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब दो दशक बाद पहली बार 10 दिन का विधानसभा सत्र आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि आगामी चुनाव को देखते हुए विपक्ष सोशल मीडिया पर बने रहने के लिए सदन में हंगामा कर सकता है। उन्होंने कहा कि जनता को यह देखना होगा कि कौन विकास और जनहित के मुद्दे उठा रहा है और कौन केवल राजनीतिक शोर कर रहा है।
श्वेत पत्र से सामने आएगा संपदा का पूरा हिसाब
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश की आर्थिक और संपत्तिगत स्थिति को लेकर श्वेत पत्र ला रही है। इसके माध्यम से जनता के सामने यह स्पष्ट किया जाएगा कि प्रदेश की संपदा और संसाधनों के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि श्वेत पत्र के बाद ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जाएगा।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की संपदा से जुड़े मामलों में अनियमितताएं हुई हैं तो उनकी जांच होना जरूरी है। सरकार किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के बजाय तथ्यों और कानून के आधार पर आगे बढ़ रही है।
जनक राज जांच पर बोले- तथ्य हैं तो जवाब दें
भरमौर से भाजपा विधायक डॉ. जनक राज से विजिलेंस की पूछताछ को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें जांच के सिलसिले में बुलाया गया है और उन्हें जांच एजेंसी के समक्ष तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार किसी के खिलाफ द्वेष की भावना से कार्रवाई नहीं कर रही है।
मुख्यमंत्री ने हिमकेयर योजना से जुड़े कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि जांच के दौरान कई तथ्य सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में ऐसे ऑपरेशन भी दर्ज किए गए जिन पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय डॉ. जनक राज आईजीएमसी के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट थे। उन्होंने दोहराया कि जांच तथ्यों के आधार पर हो रही है और दोष पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पेपर लीक पर भाजपा को घेरा
पेपर लीक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि उनकी सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब पिछली सरकार के समय पेपर लीक के मामले सामने आए थे, तब भाजपा ने क्या कार्रवाई की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पेपर लीक मामलों में कार्रवाई करते हुए दोषियों को जेल भेजा है और अब तक उनकी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता है। लोक सेवा आयोग में पहली बार लिखित परीक्षा के अंकों को चयन प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों में सिफारिश की कोई गुंजाइश नहीं रखी गई है।
आउटसोर्स व्यवस्था खत्म करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों का रिकॉर्ड बन रहा है और सरकार शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आउटसोर्स व्यवस्था को धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को पारदर्शी और नियमित रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है।
‘झूठी खबरों से माहौल खराब करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं’
सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ चल रही नकारात्मक खबरों को लेकर मुख्यमंत्री ने भाजपा पर प्रायोजित तरीके से प्रचार करवाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तथ्यों के आधार पर पत्रकारिता करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन झूठी जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने और लोगों को गुमराह करने की कोशिश पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पत्रकारों के खिलाफ मामलों को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित कानून केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में आम लोग स्वयं शिकायतें और एफआईआर दर्ज करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ब्लैकमेलिंग के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई।
राजीव गांधी की सोच को आगे बढ़ाने का दावा
राजीव गांधी की जयंती पर मुख्यमंत्री ने उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु में युवाओं को मतदान का अधिकार देने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने जैसे फैसलों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी बेहतर शिक्षा के पक्षधर थे और जवाहर नवोदय विद्यालय इसी सोच का परिणाम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में भी इसी सोच के अनुरूप 68 राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। सरकार इन्हें आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। उन्होंने राजीव गांधी प्राकृतिक खेती योजना के तहत किसानों को एमएसपी देने और हमीरपुर में उत्तर भारत की पहली टेस्टिंग लैब स्थापित किए जाने का भी उल्लेख किया।
बीबीएमबी पर हिमाचल को 500 करोड़ अतिरिक्त आय की उम्मीद
बीबीएमबी से जुड़े मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही महत्वपूर्ण फैसला आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यदि फैसला हिमाचल के पक्ष में आता है तो प्रदेश को हर वर्ष करीब 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल हिमाचल की ओर से पैरवी करेंगे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की ओर से एफिडेविट दिया जा चुका है, जबकि पंजाब की ओर से आनाकानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल अपने अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि फैसला प्रदेश के पक्ष में आने पर हिमाचल को आर्थिक लाभ होगा, जबकि पंजाब और हरियाणा भी प्रदेश के जल संसाधनों से लाभान्वित होते रहेंगे।
दिल्ली दौरे में फिर उठेगा हिमाचल के हक का मुद्दा
सीडब्ल्यूसी बैठक और दिल्ली दौरे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई है और पार्टी की आगामी राजनीतिक गतिविधियों का कार्यक्रम तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद वह दिल्ली जाएंगे और केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल के अधिकारों तथा लंबित मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।
राजीव गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सद्भावना दिवस मनाने और आपसी भाईचारा मजबूत करने का आह्वान भी किया।











