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तत्तापानी-सलापड़ सड़क पर 15 दिन में छोटे वाहन चलाने का लक्ष्य, वैकल्पिक मार्ग का होगा सर्वे

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लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह बोले- भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत संभव नहीं, नए वैकल्पिक मार्ग की तलाश जारी

शिमला। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विधानसभा में कहा कि तत्तापानी-सलापड़ सड़क के भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हिस्से पर मौजूदा स्थान पर पुनर्निर्माण संभव नहीं है। सरकार नए वैकल्पिक मार्ग की संभावनाएं तलाश रही है और इसका सर्वे भी करवाया जा रहा है। वहीं सड़क के निर्माणाधीन हिस्से को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करते हुए अगले 15 दिनों में छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।


यह मामला सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने विधानसभा के मानसून सत्र में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने सीआरएफ के तहत तत्तापानी-सलापड़ सड़क के लिए 219.43 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। सड़क को डबल लेन बनाया जा रहा है, लेकिन भूस्खलन के कारण इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा लंबे समय से बंद है।


राकेश जम्वाल ने कहा कि थतापानी से करला तक पहले से बनी सड़क पर शिमला-करला और सुंदरनगर-करला की ओर से यातायात चलता था। भूस्खलन के बाद सड़क बंद होने से क्षेत्र की धनयारा, हाड़ाबोई और सोझा पंचायतों के हजारों लोग प्रभावित हैं। विद्यार्थियों को कॉलेज और आईटीआई जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि मरीजों को उपचार के लिए निहरी, सुन्नी या ततापानी की ओर जाना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लोगों को 10-10 किलोमीटर तक पैदल चलने की स्थिति बन रही है।


52 से 53 किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त


लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि तत्तापानी से आगे सड़क की कुल लंबाई करीब 61.6 किलोमीटर है। किलोमीटर 0 से 17 तक सड़क बस योग्य है और वहां नियमित बस सेवा चल रही है। किलोमीटर 17 से 31 तक निर्माण कार्य जारी है और भारी बारिश व भूस्खलन के कारण फिलहाल वाहनों की आवाजाही प्रभावित है। इस हिस्से को प्राथमिकता के आधार पर खोलने का काम चल रहा है।


उन्होंने बताया कि किलोमीटर 31 से 61 तक सड़क का कार्य पूरा हो चुका था और इस हिस्से पर नियमित यातायात चल रहा था। हालांकि 14 अप्रैल 2026 को भारी जलप्रवाह के कारण किलोमीटर 52 से 53 के बीच पहाड़ी का हिस्सा धंस गया, जिससे सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।


विभागीय रिपोर्ट के अनुसार इस हिस्से में मौजूदा स्थान पर पुनर्निर्माण करना संभव नहीं है। इसलिए सरकार वैकल्पिक सड़क तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।


वैकल्पिक मार्ग से बसें चलाने की व्यवस्था


मंत्री ने बताया कि मुख्य सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से के कारण विभाग ने बटाली-कमेल वैकल्पिक सड़क (RD 0 से 3.200 किलोमीटर) को बहाल किया है। संयुक्त फिटनेस समिति ने 28 जुलाई 2026 को इस मार्ग को बसों और बड़े वाहनों के लिए उपयुक्त घोषित किया है। फिलहाल सभी प्रकार के वाहन इसी वैकल्पिक मार्ग से चल रहे हैं।


इस वैकल्पिक मार्ग के कारण लोगों को करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। मंत्री ने कहा कि जब तक मुख्य सड़क यातायात के लिए बहाल नहीं होती, तब तक इस वैकल्पिक मार्ग से बस सेवा चलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्य सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से के लिए नए वैकल्पिक मार्ग का सर्वे भी किया जा रहा है। इसके लिए वन स्वीकृति (FRA) से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और संयुक्त निरीक्षण के बाद वैकल्पिक मार्ग के निर्माण की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।


मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मुख्य सड़क को जल्द से जल्द बहाल किया जाए, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन की परेशानी से राहत मिल सके।