एचपीआई टालैंड में तीन दिवसीय कार्यक्रम संपन्न, ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एचपीआई, टालैंड (शिमला) में आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) का सफल समापन हुआ। 30 जुलाई से 1 अगस्त तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 25 इच्छुक एवं मौजूदा पर्यटन उद्यमियों ने भाग लेकर पर्यटन व्यवसाय से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
“पर्यटन आधारित उद्यमिता एवं सतत स्थानीय उद्यम विकास” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों, ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग, वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने हिमाचल की पर्यटन अर्थव्यवस्था, इको-टूरिज्म, सांस्कृतिक, धार्मिक और साहसिक पर्यटन के साथ-साथ होमस्टे, कैफे, स्थानीय व्यंजन, गाइडिंग सेवाओं तथा हस्तशिल्प आधारित उद्यमों की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों ने अपने क्षेत्रों के पर्यटन संसाधनों का मानचित्रण कर स्थानीय स्तर पर नए उद्यमों की संभावनाओं पर भी कार्य किया।
दूसरे दिन डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को इंस्टाग्राम, गूगल मैप्स और व्हाट्सएप बिजनेस के माध्यम से पर्यटन व्यवसाय के प्रचार-प्रसार के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए। इसके अलावा एफएसएसएआई, इको-सर्टिफिकेशन, जीआई टैगिंग और हैंडलूम मार्क जैसे गुणवत्ता मानकों की भी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने अपने व्यवसाय के लिए ब्रांडिंग, टैगलाइन और सोशल मीडिया प्रचार योजनाएं भी तैयार कीं।
अंतिम दिन पर्यटन उद्यमों के लिए लागत निर्धारण, मूल्य निर्धारण, कार्यशील पूंजी, बहीखाता प्रबंधन और वित्तीय योजना पर प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही पीएमईजीपी, मुद्रा योजना, एमएसएमई, पर्यटन विभाग और एनआरएलएम जैसी सरकारी योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय एवं संस्थागत सहायता की जानकारी भी साझा की गई।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने पर्यटन व्यवसाय मॉडल और बिजनेस प्लान विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत किए, जिनका मूल्यांकन विशेषज्ञ पैनल ने किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक संजय कंवर ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यटन आधारित उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं और युवाओं को इन अवसरों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र से जुड़े इच्छुक और मौजूदा उद्यमियों की क्षमता बढ़ाना, उन्हें आधुनिक विपणन, वित्तीय प्रबंधन और संस्थागत सहयोग की जानकारी देकर सतत एवं आत्मनिर्भर पर्यटन उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना था।











