स्मार्ट एमएसएमई जागरूकता एवं क्षमता निर्माण सत्र में इंडस्ट्री 4.0, एआई और जेम पोर्टल की दी जानकारी, 30 से अधिक उद्यमी शामिल
शिमला। बिज़नेस प्रोमोशन सेंटर, शोघी में स्मार्ट एमएसएमई कार्यक्रम के तहत जागरूकता एवं क्षमता निर्माण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को डिजिटल तकनीकों, इंडस्ट्री 4.0 और आधुनिक तकनीकी समाधानों से जोड़कर उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत बनाना था।
सत्र में उद्यमियों को तकनीकी नवाचार, आधुनिकीकरण और डिजिटल रूपांतरण के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही व्यवसाय विस्तार और तकनीकी उन्नयन के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सहायता तंत्रों की जानकारी भी दी गई।
रैम्प परियोजना समन्वयक कोविद शर्मा ने इंडस्ट्री 4.0, स्मार्ट विनिर्माण, स्वचालन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और डिजिटल रूपांतरण पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर एमएसएमई इकाइयां अपनी उत्पादकता, कार्यकुशलता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती हैं।
जिला उद्योग केंद्र, शिमला के अभिलक्ष लौ ने प्रतिभागियों को सरकारी ई-बाज़ार (जेम) पोर्टल की उपयोगिता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जेम पोर्टल एमएसएमई इकाइयों के लिए सरकारी खरीद प्रक्रिया में भागीदारी का प्रभावी माध्यम है, जिससे नए व्यावसायिक अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न एमएसएमई इकाइयों के 30 से अधिक उद्यमियों, उद्योगपतियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने डिजिटल रूपांतरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), जेम पोर्टल और सरकार समर्थित एमएसएमई विकास योजनाओं के प्रति विशेष रुचि दिखाई तथा विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का समापन संवादात्मक चर्चा सत्र के साथ हुआ, जिसमें विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर दिए और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।











