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रोजगार पर चर्चा का जवाब: 31 दिसंबर 2026 तक 50 हजार नौकरियां देने का लक्ष्य, 32,223 सरकारी नौकरियां दीं

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विपक्ष जवाब से असंतुष्ट, नेता प्रतिपक्ष बोले- पक्की और पेंशन वाली नौकरियों का आंकड़ा नहीं मिला


शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में रोजगार के मुद्दे पर नियम 130 के तहत करीब आठ घंटे चली चर्चा का मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर 2026 तक प्रदेश के युवाओं को करीब 50 हजार नौकरियां उपलब्ध करवाना है। उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक 32,223 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं, जबकि करीब 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।


संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि रोजगार का सीधा संबंध प्रदेश की आर्थिक स्थिति से है। वित्तीय चुनौतियों के बावजूद सरकार ने विभिन्न विभागों में भर्तियां की हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, जल शक्ति, बिजली बोर्ड, महिला एवं बाल विकास और आयुष समेत कई विभाग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में सेवाएं देकर प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


1.07 लाख लोगों को रोजगार सृजन से जोड़ने का दावा


सरकार की ओर से कहा गया कि अब तक करीब 1.07 लाख लोगों को रोजगार सृजन से जोड़ने के लिए सहायता दी गई है। सरकार का जोर केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र, उद्योग, पर्यटन और पावर सेक्टर में निवेश बढ़ाकर रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी है।


मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए जवाब के मुताबिक, प्रदेश में आउटसोर्स नीति की शुरुआत वर्ष 2010-11 में हुई थी और यह व्यवस्था लगातार चली आ रही है। उन्होंने कहा कि वेतन और पेंशन का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में निजी क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना भी जरूरी है।


ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर


सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसलों के बेहतर समर्थन मूल्य देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए हल्दी का समर्थन मूल्य 150 रुपये, अदरक का 30 रुपये, मक्की का 50 रुपये और नींबू का 80 रुपये प्रति किलो तय किया गया है। सरकार का प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करना है।


खनन से आय 450 करोड़ तक पहुंचने का दावा


सरकार ने बताया कि नई माइनिंग पॉलिसी लागू होने के बाद खनन से प्रदेश की आय करीब 450 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। सरकार इसे और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। निवेशकों को प्रदेश में आकर्षित करने के लिए नीतियों में आवश्यक बदलाव भी किए जा रहे हैं।


बेरोजगारी दर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025-26 में देश की बेरोजगारी दर 5.4 प्रतिशत, जबकि हिमाचल की बेरोजगारी दर 6.5 प्रतिशत है।


मेडिकल कैनबिस पर सरकार की सफाई


मेडिकल कैनबिस को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार नशे के लिए भांग की खेती को बढ़ावा नहीं दे रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत औषधीय उपयोग के लिए CBD आधारित कैनबिस की नियंत्रित खेती, लाइसेंस और खरीद की व्यवस्था नियमों के तहत होगी। इसका उद्देश्य किसानों को आय का अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध करवाने के साथ प्रदेश के राजस्व में वृद्धि करना है।


जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट


सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले पांच लाख रोजगार और एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अब तक कितनी नियमित और पेंशन वाली सरकारी नौकरियां दी गई हैं।


उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने रोजगार सृजन और विभिन्न माध्यमों से लोगों को रोजगार से जोड़ने के आंकड़ों को भी नौकरियों के आंकड़े में शामिल कर दिया। विपक्ष वास्तविक सरकारी नौकरियों का आंकड़ा जानना चाहता था, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला।


इसके विरोध में विपक्षी विधायक सदन से बाहर चले गए। विपक्ष का कहना था कि सरकार को नियमित सरकारी नियुक्तियों का स्पष्ट आंकड़ा सदन के सामने रखना चाहिए था।


सरकार बोली- आंकड़े रिकॉर्ड पर


सरकार की ओर से कहा गया कि चर्चा का विस्तृत जवाब दिया गया है और रोजगार के मुद्दे पर सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। सरकार ने दोहराया कि अब तक 32,223 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं, करीब 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है और वर्ष 2026 के अंत तक करीब 50 हजार नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है।


नियम 130 के तहत यह चर्चा रंजीत शर्मा, सुशील शर्मा, अजय शर्मा, भूपेंद्र सिंह और त्रिलोक चंद ने पेश की थी। चर्चा में विधायकों ने प्रदेश में बेरोजगारी, सरकारी भर्तियों और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए। चर्चा का समापन सरकार के जवाब के साथ हुआ और इस पर मतदान नहीं हुआ।