23 जुलाई को शाम 3 बजे होगा प्रदर्शन, छात्रों पर हमले के विरोध और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग; कई जनसंगठनों ने समर्थन दिया
शिमला। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने NEET पेपर घोटाले, शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार और छात्रों पर हुए हमलों के विरोध में 23 जुलाई को शिमला में विशाल प्रदर्शन और रैली आयोजित करने का आह्वान किया है। संगठन के अनुसार यह प्रदर्शन शाम 3 बजे उपायुक्त (डीसी) कार्यालय, शिमला के बाहर आयोजित किया जाएगा।
एसएफआई द्वारा जारी पोस्टर के अनुसार प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं से शामिल होने की अपील की गई है। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन केवल NEET पेपर घोटाले के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर भी है।
एसएफआई ने आरोप लगाया है कि हाल ही में शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हमले हुए हैं, जिनका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। संगठन ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और शिक्षा को व्यापार नहीं बल्कि अधिकार के रूप में देखा जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान संगठन चार प्रमुख मांगें उठाएगा। इनमें NEET पेपर घोटाले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, छात्रों पर हमले बंद करना तथा शिक्षा के व्यवसायीकरण पर रोक लगाना शामिल है।
एसएफआई ने प्रदेशभर के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवाओं से बड़ी संख्या में रैली में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों की एकता से ही शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव संभव है।
एसएफआई के इस प्रदर्शन को सीटू (CITU), डीवाईएफआई (DYFI), अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA), हिमाचल किसान सभा (HKS), डीएसएमएम (DSMM), एसएनएस (SNS) और एसयूएस (SUS) सहित विभिन्न जनसंगठनों का भी समर्थन प्राप्त है।











