अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बावजूद मरीजों को जाना पड़ रहा शिमला
शिमला। चमियाना वार्ड के जिला परिषद सदस्य खुश विक्रम सेन ने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लिए अगस्त माह में एम्बुलेंस की व्यवस्था कर दी गई थी, लेकिन अक्टूबर माह समाप्त होने को है और अब तक यह एम्बुलेंस जनता की सेवा में शुरू नहीं हो पाई है। इससे क्षेत्र के लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
खुश विक्रम सेन ने आरोप लगाया कि एम्बुलेंस सेवा शुरू न होने का मुख्य कारण संबंधित चालक की कहीं अन्य स्थान पर डेप्युटेशन होना है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग अब तक चालक की डेप्युटेशन रद्द नहीं करवा पाए हैं। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस उपलब्ध करवाना उनकी जिम्मेदारी थी, जिसे पूरा कर दिया गया है। अब चालक की डेप्युटेशन रद्द कर सेवा शुरू करवाना सरकार और स्वास्थ्य विभाग का दायित्व है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एम्बुलेंस सेवा शुरू न होने के कारण किसी मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी होती है और कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या स्वास्थ्य मंत्री या मुख्यमंत्री इसकी जवाबदेही लेंगे?
सेन ने क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड सुविधा का लाभ मरीजों को नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध होने के बावजूद लोगों को जांच के लिए शिमला जाना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं को भी खाली पेट शिमला पहुंचकर जांच करवाने की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि एम्बुलेंस चालक की डेप्युटेशन तत्काल रद्द कर एम्बुलेंस सेवा शुरू की जाए और अल्ट्रासाउंड सुविधा का लाभ भी मरीजों को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि क्योंथल क्षेत्र की जनता, विशेषकर गरीब परिवारों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।












