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भारी बारिश से चुराह की 13 सड़कें प्रभावित, प्राथमिकता पर बहाली के निर्देश: विक्रमादित्य सिंह

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जीरो आवर में विधायक हंसराज ने उठाया सड़कों की बदहाली का मामला, मटर सीजन से पहले सड़कें बहाल करने की मांग

शिमला। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने चुराह विधानसभा क्षेत्र में बरसात के कारण बाधित और क्षतिग्रस्त सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चुराह के विधायक हंसराज से प्रभावित सड़कों की सूची लेकर संबंधित अधिकारियों और अधिशासी अभियंता को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। जिन सड़कों की बहाली के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत होगी, उसके लिए विभागीय स्तर पर बजट की व्यवस्था की जाएगी।


मंत्री ने यह जवाब चुराह के विधायक हंसराज द्वारा विधानसभा में जीरो आवर के दौरान क्षेत्र में बरसात से प्रभावित सड़कों का मामला उठाए जाने पर दिया। विधायक ने कहा कि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण चुराह क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण सड़कें बाधित और क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और कई स्थानों पर बस सेवा भी प्रभावित हुई है।


हंसराज ने कहा कि तरेला-देवीकोठी, टेपा-हैल सतनाला और तरेला-गुईला सड़कें बरसात से प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा मंगली-जनवास मार्ग की स्थिति भी खराब है। उन्होंने नकरोड़-हिमगिरी/आयल सड़क को जल्द बहाल करने की मांग की। यह मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है और इसके बाधित होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


विधायक ने भंजराडू-बिहाली/साहू, नकरोड़-गड़फरी थल्ली और चरोड़ी-रैला सड़क मार्गों का भी मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों की हालत बरसात के बाद खराब हुई है और इन्हें जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल किया जाना जरूरी है।


उन्होंने कुठली-सपरोठ और कैथली-सपरोठ सड़क मार्गों के साथ टिकरी-शक्ति देहरा, कैला-डुगली-कैथली और कुठेड़ रोड-त्रिया मार्ग को भी प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने की मांग की। विधायक ने कहा कि इन ग्रामीण सड़कों के बाधित होने से स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।


हंसराज ने कहा कि क्षेत्र में मटर का सीजन शुरू होने वाला है, इसलिए सड़कों की बहाली बेहद जरूरी है। सड़कें ठीक नहीं होने पर किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में दिक्कत होगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि सड़कों को केवल अस्थायी रूप से खोलने के बजाय जहां जरूरी हो, वहां स्थायी सुधार कार्य भी करवाए जाएं।


विधायक ने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों के दौरान जेसीबी और भारी मशीनरी के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर भारी मशीनरी की आवाजाही से सड़क को और नुकसान पहुंचता है। इसलिए विभाग को मशीनरी के संचालन और निर्माण कार्यों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।


जवाब में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विधायक से प्रभावित सड़कों की सूची प्राप्त कर संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर सड़कें बहाल करने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जहां सड़क कार्य चल रहे हैं, उनकी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, जिन कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी, उनके लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक बजट उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।